जयपुर से प्रकाशित मीडिया त्रैमासिक कम्युनिकेशन टुडे तथा दिल्ली के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान भारती विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में विश्व जनसंपर्क दिवस के अवसर पर 16 जुलाई ,2024 को 130 वीं वेबिनार का आयोजन किया गया ।
वेबिनार को संबोधित करते हुए पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ़ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष श्री कल्याण सिंह कोठारी ने जन शिक्षण के क्षेत्र में जनसंपर्क की महती भूमिका को रेखांकित करते हुए जनसंपर्क कर्मियों में कौशल व ज्ञान की वृद्धि के साथ-साथ नवाचारों की क्षमता को विकसित करने की आवश्यकता भी महसूस की।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के जनसंपर्क एवं विज्ञापन विभाग के अध्यक्ष प्रो पवित्र श्रीवास्तव ने जनसंपर्क व्यवसाय के प्रमुख सूत्रों की चर्चा करते हुए इनफॉरमेशन, एजुकेशन और मोटिवेशन की विस्तार से व्याख्या की । उनका मानना था कि आज के दौर में ‘कंटेंट इस किंग’ की बात की जाती है। आज आवश्यकता है कि हम कंटेंट के साथ-साथ टेक्नोलॉजी, सोशल रिस्पांसिबिलिटी, डिलीवरी और ट्रस्ट का भी विशेष ध्यान रखें। उन्होंने जनसंपर्क कर्मियों में स्किल को बेहतर बनाने की आवश्यकता महसूस करते हुए अनेक सामाजिक विज्ञापन अभियानों की चर्चा की जिन्होंने जनसंपर्क के सकारात्मक प्रभावों के अनूठे उदाहरणार्थ को हमारे सामने प्रस्तुत किया।
फकीर मोहन यूनिवर्सिटी, बालेसर (उड़ीसा) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ स्मिति पाढ़ी ने डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संदर्भ में जनसंपर्क की बदलती भूमिका की चर्चा की।
जनसंचार केंद्र के पूर्व अध्यक्ष तथा कम्युनिकेशन टुडे के संपादक प्रो संजीव भानावत ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा विश्व जनसंपर्क दिवस मनाने की पृष्ठभूमि की चर्चा करते हुए बताया कि वर्ष 2021 से जनसंपर्क व्यवसाय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान करने के लिए विश्व जनसंपर्क दिवस मनाने की परंपरा शुरू की गई। यह दिवस जनसंपर्क के पिता में आइवि ली के जन्मदिन के उपलक्ष में मनाया जाता है।
प्रारंभ में भारती विद्यापीठ के निदेशक प्रो एम एन हूडा ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि आज सूचना के अधिक के बोझ से दबे माहौल में जनसंपर्क की प्रासंगिकता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है उनका मानना था कि डिजिटल युग में जनसंपर्क के सामने अनेक प्रकार की चुनौतियां खड़ी हो गई है।
भारतीय विद्यापीठ दिल्ली के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की सहायक प्रोफेसर प्रियंका सिंह ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। उन्होंने सभी वक्ताओं का ई -बुके से स्वागत किया तथा अंत में सभी विशेषज्ञ वक्ताओं को ई सर्टिफिकेट तथा ई स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए आभार प्रदर्शन भी किया।


