युवा पत्रकारों को जेंडर संबंधी मुद्दों पर मिलेगी ट्रेनिंग-मेंटरशिप

एचजेयू और यूएनएफपीए ने किया एमओयू पर हस्ताक्षर

जयपुर (राजस्थान)। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) और हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय (एचजेयू) ने सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के एजेंडे को आगे बढ़ाने में सहयोग करने के लिए सोमवार (June 12) को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। जेएलएन मार्ग स्थित शिक्षा संकुल में एचजेयू की कुलपति प्रो. सुधि राजीव और यूएनएफपीए भारत की प्रतिनिधि तथा भूटान की कंट्री डायरेक्टर एंड्रिया वोजनार के बीच यह एमओयू हुआ।

यूएनएफपीए भारत की प्रतिनिधि और भूटान की कंट्री डायरेक्टर एंड्रिया वोजनार ने कहा कि युवा व्यक्तियों के प्रशिक्षण में निवेश करने से युवा आवाजों की शक्ति को उजागर किया जा सकता है। उन्हें जेंडर-संवेदनशील पत्रकारों के रूप में प्रशिक्षित कर हम सामाजिक मानदंडों को चुनौती देने, हाशिए की आवाजों को बढ़ाने और जेंडर-आधारित अन्याय को उजागर करने में सक्षम एक अधिक सूचित और समावेशी समूह तैयार कर सकते हैं। इन महत्वपूर्ण विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल कर हम युवा पत्रकारों और संचार पेशेवरों को सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से परिपूर्ण कर रहे हैं।

इस अवसर पर एचजेयू की कुलपति प्रो. सुधि राजीव ने कहा कि समय की मांग है कि सामाजिक मुद्दों को समझा जाए और इन पर चर्चा की जाए। इसके लिए आम आदमी के साथ नीति बनाने वालों को भी ध्यान देना होगा। इस तरह की चर्चाओं से देश में जेंडर और जनसंख्या आधारित इश्यूज पर नए विचार देखने को मिलेंगे। यूएनएफपीए के साथ साझेदारी से विश्वविद्यालय गर्व का अनुभव कर रहा है। ऐसे प्रयासों से आठ बिलियन संभावनाओं को नए मौके उपलब्ध होंगे। विश्वविद्यालय की सोच है कि उसका हर छात्र संपत्ति बने।

वहीं यूएनएफपीए के स्टेट हेड दीपेश गुप्ता ने कहा कि सहयोग का मुख्य उद्देश्य पत्रकारिता और संचार के युवा छात्रों को उन्मुख और संवेदनशील बनाने पर ध्यान देने के साथ विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में जेंडर संबंधी चिंताओं को शामिल करना है और उन्हें इन मुद्दों को प्रभावी ढंग से रिपोर्ट करने और संप्रेषित करने में अपने कौशल को बढ़ाने के लिए तैयार करना है। इस पाठ्यक्रम के जरिए यूएनएफपीए और एचजेयू युवा पत्रकारों और मीडिया पेशेवरों को वैश्विक चुनौतियों की गहरी समझ के साथ सशक्त बनाने की दिशा में काम करेंगे। इसके साथ ही जेंडर और मानवाधिकार, प्रजनन और किशोर स्वास्थ्य से संबंधित जिम्मेदार रिपोर्टिंग और प्रभावी संचार को बढ़ावा मिले, ऐसे प्रयास भी किए जाएंगे। समापन पर एचजेयू के परीक्षा नियंत्रक आलोक श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर यूएनएफपीए की मीडिया एनालिस्ट अवनी सिंह, एचजेयू के रजिस्ट्रार अयूब खान सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

समझौता ज्ञापन में उल्लिखित सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:

  1. प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण : सतत विकास लक्ष्यों, जेंडर संबंधी रिपोर्ताज और सामाजिक विकास आधारित डाटा का विश्लेषण करते हुए पर युवा पत्रकारों, मीडिया छात्रों और संकाय सदस्यों की क्षमता का निर्माण करें।
  2. पाठ्यचर्या और सीखने के संसाधन : सतत विकास लक्ष्यों, जनसंख्या की गतिशीलता, प्रजनन और किशोर स्वास्थ्य और जेंडर संबंधी चिंताओं पर छात्रों की समझ तथा क्षमता का निर्माण करने के लिए पाठ्यक्रम और सीखने के लिए संसाधन विकसित करें।
  3. इंटर्नशिप के अवसर : यूएनएफपीए मेंडेट क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए छात्रों को इंटर्नशिप के लिए अवसर प्रदान करना।
  4. संयुक्त अनुसंधान और एडवोकेसी : जनसंख्या की गतिशीलता, किशोर विकास और जेंडर संबंधी मुद्दों से संबंधित संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं और एडवोकेसी की पहल करना।
  5. विस्तार और प्रतिकृति : राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारिता और जनसंचार के अन्य विश्वविद्यालयों में साझेदारी को विस्तारित करना।

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) के बारे में…

यूएनएफपीए संयुक्त राष्ट्र की यौन और प्रजनन स्वास्थ्य एजेंसी है। यूएनएफपीए का मिशन एक ऐसी दुनिया देना है, जहां गर्भधारण की जरूरत, हर बच्चे का जन्म सुरक्षित हो और हर युवा की क्षमता का पूरी तरह उपयोग हो। यूएनएफपीए सभी के लिए प्रजनन अधिकारों की प्राप्ति का आह्वान करता है और स्वैच्छिक परिवार नियोजन, गुणवत्ता मातृ स्वास्थ्य देखभाल और व्यापक यौन शिक्षा सहित यौन और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत श्रृंखला तक पहुंच का समर्थन करता है।

वेबसाइट: https://india.unfpa.org/en

हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के बारे में…

हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय 2019 में राज्य विधानमंडल के अधिनियम संख्या 11 (2019) के माध्यम से स्थापित एक राज्य विश्वविद्यालय है। स्वतंत्रता सेनानी और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी के नाम पर बनाया गया यह विश्वविद्यालय पत्रकारिता, मीडिया, विज्ञापन, जनसंपर्क jiऔर विकास संचार में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम, कौशल-उन्मुख डिप्लोमा और प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम संचालित करता है।

Media Coverage >>

Published by LOK SAMVAD SANSTHAN

Lok Samvad Sansthan (LSS), registered in 2001 under the Rajasthan Societies Registration Act, 1958, is a non-governmental organization (NGO) working mainly in the field of media advocacy for a variety of subjects affecting the public life in Rajasthan and the country at large. The LSS has played a significant role in strengthening the communication resources of the development sector and promoting new dimensions of professional orientation in the spheres of advocacy, communication, and media. LSS has been working as a voluntary organization on a large number of assignments of the government, non-government agencies, corporate houses, and international UN bodies addressing various social, developmental, and public issues, policies, and programs. LOK SAMVAD SANSTHAN: A BRIEF PROFILE 1. Name of the organization: Lok Samvad Sansthan 2. Postal Address Lok Samvad Sansthan 2/633, Jawahar Nagar JAIPUR-302004 Rajasthan- Phone No.: 041-2654543,2973306 Mobile number:- +91 9414047744 E-mail id:- loksamvadsansthan@gmail.com 3. Date of commencement Registered under “The Societies Registration Act 1860” Date: May 27, 2000 4. Registration number of the Organization Registration Number- 91/Jaipur/2000-2001 5. Unique ID Issued by NGO Partnership System: Through Nitti Ayog (Govt. of India) Registered on UN PARTNER Portal RJ/2017/0120268 https://www.unpartnerportal.org/registration 6. Permanent Account Number (Income Tax): AAAAL4055D 7. Statutory Compliances and Certification 80 /12-A of the Income Tax Act 1961

Leave a Reply

Discover more from Lok Samvad Sansthan

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading